जब सीरियल का काम पटरी पर आ गया और उसने लोकप्रियता के नए आयाम तय करने शुरू किए तो अमर नेहा और बच्चों से मिलने के लिए व्यग्र हो गया। हालांकि उसकी शारीरिक जरूरत पूरी हो रही थी लेकिन उसे नेहा की चिंता लगी रही। दिन में लगभग दो-तीन बार वह नेहा से बात करता। उसकी व्यस्तता को देखते हुए नेहा भी चुप थी लेकिन आशंकित भी थी। अंधेरे कोने भाग दस भैया का भाइंग रमेश ने जैसा सोचा था वैसा ही हुआ। मनोरंजन चैनलों ने सीरियल की डिमांड शुरू हो गई। प्रायोजक भी इतने मिल गए कि कइयों को इनकार करना पड़ गया। अनु को फिल्म प्रोडेक्शन कंपनी मंे काम करने का फायदा हुआ। अमर की घटना से एक सप्ताह बाद ही उसने प्रोडेक्शन कंपनी से इस्तीफा देकर अपनी कंपनी बना ली थी। स्क्रिप्ट अमर की तैयार थी ही। बस उसमें किसिंग सीन को जोड़ना था। चैनल से लेकर कलाकार और डायरेक्टर तक सभी एक माह में फाइनल कर लिए गये। कलाकर चयन मंे थियटर से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी गई। चूंकि किसिंग सीन के कारण अमर-अनु चर्चित हो गये थे इसलिए इन्हें मुख्य भूमिका निभानी थी। करीब डेढ़ माह की अथक मेहनत के बाद सीरियल प्रसारण के लिए त...